काकपदं : काकपदं ( kākapadaṁ ) Meaning: If there is no remedy for poisoning, it is the last line of treatment, in which incision is made on the scalp of the shape of crows feet, and on that the medicine is kept. Comments Add photo Leave a Reply Cancel reply Your email address will not be published. Required fields are marked * Name * Email * Website Comment You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <strike> <strong> Add photo Cancel reply Your email address will not be published. Required fields are marked * Title * Courtesy * Image You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <strike> <strong> Add video Cancel reply Your email address will not be published. Required fields are marked * Title * Youtube link * You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <strike> <strong> कषायवर्णं कषायानुरसं कंसनील कंस्यसमछाय दृष्टि मण्डल कंस्याभ दृष्टिमण्डल काकतुल्यगन्ध काकपदं काकलं/काकलकं काकवत् पूर्ति काङ्क्षा काङ्क्षाविनाश काचकूपी काचनीलाभ काचभाजन काच्चिकाभ कांजिक कांजी काठिन्यं काठिन्यचर्मकोश काण्डं/काण्डो काण्डेक्षु इव काण्डेक्षु सङ्काशं कादम्बरी काम कामता कामिता कामुकत्व काम्बलिक कायच्छिद्राणि कायाग्नि कार कारण द्रव्य कार्कश्य कार्य कार्य द्रव्य कार्यफलं सुखावाप्ति कार्यफलम् कार्ययोनिः कार्याकार्यविभागज्ञः कार्श्य कार्ष्ण काल काल काल मृत्यु काल रात्रि काल वाक् काल विरुद्ध कालखण्ड कालज बल कालप्रकर्ष कालवर्ण कालान्तर विपाकी कालियकं / कालेयक काष्ठे रश्मिभिर्वा हतम् काष्ठौषधि कास कासहर किटिभ किट्ट किट्ट किणः अघर्षणाग्रन्थिः किणखरस्पर्श किण्वक किंशुकोदकसङ्काशं किंशुकोदकाभ कीट कीटका सर्पन्ति इव कीटविषेचापि स्वेदो न प्रतिषिध्यते कीटैर्दष्टानुग्रविषैःसर्पवत् समुपाचार कीलं कीलकौ कीलाट कुकुन्दरौ कुकूलपाचन कुकूलपाचन कुक्कुटपुट कुक्षि कुक्षिगोलकौ कुक्षिग्रह कुचः कुचौ कुञ्चनं कुटिलं कुटिल सिरा कुटिलोपस्थं कुट्कास्थि कुट्टयित्वा कुडव कुणपं कुणपगन्ध कुणपप्रकाशं कुणित्व कुण्ठकोणाग्रम् कुण्डल दर्शनं कुण्डलानि कुथित कफ कुधान्य वर्ग कुन्थता कुन्दकुसुमैः आचितं इव दर्शनं कुन्दपाण्डुर दृष्टिमण्डल कुन्दाकृति अवभास कुप्यत्येभ्रेशु निर्हृतम् कुमुदिनि कुमुदैः आचितं इव दर्शनं कुम्भ कुम्भीक कुयुमवण कुर्याद कुष्ठघ्न कुष्णतां मांस कुसेशयदलच्छायं कुहणिका कूजति कूजनं कूपिका कूपित उच्छवास कूयकं कूर्चिका कूर्परः कूर्परास्थि कूर्मपृष्ठवत् कठिन कूर्माभ कूर्मोन्नता जिह्वा कृकण्टक कृकलाभ कृच्छ्र कृच्छ्रपाकः कृच्छ्रलक्ष्याक्षरं कृच्छ्रोन्मीलनं कृत कृतघ्नः कृतान्न वर्ग कृत्रिम विष कृत्स्न कृमि रोग कृमिघ्न कृशता कृशरा कृष्णं चातिस्रवत्यसृक् कृष्ण वर्ग कृष्णतारका कृष्णमण्डलम् कृष्णा कृष्णारुणकपाल वर्ण केवलव्यतिरेकि व्याप्तिः केवलान्वयि व्याप्तिः केश केशपतन केशप्रसादन केशभूमिः केशयन्त्र केशशात केश्य कोकिल कोकिलः स्वरवैकृत्यं कोच कोटरः कोठ कोठाः कोण कोथ कोपन कोपन कोरसन्धयः कोल कोविदारपुष्पवर्णं कोषः (शः) कोष्ट विरुद्ध कोष्ठ कोष्ठकं/कोष्ठकास्थि कोष्ठाङ्ग कोष्ठी कौण्य कौप कौब्ज्य कौर्परसन्धिः/कूर्परसन्धिz क्रथनं क्रन्तनं इच्छा क्रम विरुद्द क्रमापेक्षित्व क्रामण क्रियाकाल क्रियाक्षयं क्रियानिवर्तनं क्रियासन्निरोधः क्रियासु अशक्ति क्रियास्तम्भः क्रियाहरत्वं बाहु क्रियाहीनः क्रुद्धशूरं अक्रुद्धभीरु क्रूर कोष्ठ क्रोडः क्रोडपुट क्रोध क्रोध क्रोधविषम् क्रोधेन भासाक्षि क्रोशनं श्ववत् क्रौञ्च क्लम क्लमं Pages: 1 . 2 . 3 . 4 . 5 . 6 . 7 . 8 . 9 . 10 . 11 . 12 . 13 . 14 . 15 . 16 . 17 . 18 . 19 . 20 . 21 . 22 . 23 . 24 . 25 . 26 .