विषमाग्नि : विषमाग्नि ( viṣamāgni ) Meaning: The state in which the action of Agni is rendered erratic (either excessive or decreased, variable from time to time) due to the dominant influence of Vata. Comments Add photo Leave a Reply Cancel reply Your email address will not be published. Required fields are marked * Name * Email * Website Comment You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <strike> <strong> Add photo Cancel reply Your email address will not be published. Required fields are marked * Title * Courtesy * Image You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <strike> <strong> Add video Cancel reply Your email address will not be published. Required fields are marked * Title * Youtube link * You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <strike> <strong> वित्रासन विदग्ध विदग्धं रक्तं विदग्धे अन्ने छर्दि विदग्धोपमं आर्तव विदारण विदाह विदाहि विदीर्ण दृष्टिमण्डल विदुत दर्शनं विद्ध विद्ध व्रण विद्धम् विद्या विद्याधर यन्त्र विद्रधि विद्रुमसन्निभ विद्वेष विधानम् विधारण अशक्ति अधोवायु विधारण अशक्ति मूत्रं विधावन विधिः विधूपन नासिका विध्वंसनं रोम विनग्न भाव विनद्य पुरीषप्रवर्तनं विनम्य पुरीषप्रवर्तनं विनम्य मूत्रं विनय विनष्ट वाक् विनष्टमम्लताजातं विनाम विनाशः विनिग्रहः विनिद्रा विनिष्ट वाक् विनिष्ठनन् विनिष्ठीवन विपरीतं विपर्ययः विपर्ययः विपर्ययबुद्धिः विपश्यन् विपाक विपूयकः विप्रद्वेष विप्रलाप विप्लुत अक्षि विप्लुतं इव दर्शनं विप्लुतं विस्फोटितं अस्थि विबद्धं विबद्ध मुक्तं अनियत पुरीषप्रवर्तनं विबद्ध मुक्तं अन्तरान्तरा पुरीषप्रवर्तन विबद्ध मुक्तं पुरीषप्रवर्तनं विबद्धसंबद्ध मुखं विबन्धं विबन्ध अधोवायु विबन्धं इन्द्रिय विबन्धं उरसः विबन्ध हृदयं विभञ्जनं विभत्सत्वं विभाग विभाग विभिन्नेन इव विभु विभ्रमं विभ्रंश विभ्रान्त चेतः विभ्रान्त दर्शनं विभ्रान्ताक्षः विमल विमार्ग विमुक्त विमुंचति विमोह विमोह पक्ष्म विम्लापनं वियतः विरमितशब्द विरसं विरसास्यता विरुद्ध आहार विरुप अक्षि विरेक विरेक वैषम्यं विरेचन द्रव्य विरेचनोपग विरोचनं विरोदन विरोध विलाप विलूनपक्ष विलेखनं आत्मानं विलेखनं स्वाधात्र्यङ्ग अकस्मात् परितः विलेप विलेपनं इच्छा विलेपी विलोचनः विलोम अधोवायु विवर्णत्वं विवर्त ओष्ठ विवर्तवाद विविक्त इच्छा विवृतः विवृत अक्षि विवृतं कृच्छ्रेण मुखं विवृतता मुखं विवृत्ति मुखं विवेकः विवेचन विव्रीयते मुहु नासिका विशद विशद विशर्धित विशीर्ण विशीर्णं इव दर्शनं विशीर्णं कूर्चकः विशीर्ण रोम विशीर्ण वाक् विशीर्णबन्धन दन्त विशीर्णमांसं विशीर्णाधारं मूत्रं विशुद्धं छर्दि विशुष्कभाव अक्षि विशेष विश्लिष्टिं उरः विश्लेषं विश्लेष जानु विषं विष अधिष्ठान विष आश्रयस्थान विष दूषित तृण विषकन्या विषघातियोग विषघ्न विषघ्न विषघ्नम् विषघ्नैर्गदैः स्पृष्टम् विषदाता विषपीतं विषप्रद विषम दृष्टिमण्डल विषमविनता अङ्गुलि विषमाग्नि विषमाशन विषमासन विषयेष्वसक्त विषवर्ग विषवीर्य विषवेगः विषसंकटं विषसद्भाव विषसूदन विषहतम् विषाद विषाधानं विषान्वय विषोपद्रव विषोपसर्ग विष्किर विष्किर शकुनि वसा विष्टम्भ विष्टम्भ अधोवायु विष्टम्भ पुरीष प्रवर्तनं विष्ठब्धं अक्षि विष्पष्टं इव आभाति अक्षि विष्यन्द विसंज्ञकल्पः विसंज्ञता विसंज्ञा विसर्ग विसर्गः विसंहत हनु विस्फोट विस्मरण विस्मापन विस्र विस्रं विस्रगन्ध विहङ्गगन्ध विहतरसत्वं विहारपर विह्वल विह्वल दर्शनं वीक्षण असहत्व वीतमांसं नख वीतशोणितं नख वीती भाव वीभत्स चेष्टा वीरुध वीर्य वीर्य वीर्य विरुद्ध वीर्यविरुद्ध अश्नियात वृक्षः वृत्तायत्तम वृत्तिः वृत्ति: Pages: 1 . 2 . 3 . 4 . 5 . 6 . 7 . 8 . 9 . 10 . 11 . 12 . 13 . 14 . 15 . 16 . 17 . 18 . 19 . 20 . 21 . 22 . 23 . 24 . 25 . 26 .