निवृति : निवृति ( nivṛti ) Meaning: It refers to Freedom from action- satya buddi transcends all karma and affords freedom from action is Nivrutti. This freedom from action or state of inaction is considerd to be the highest achievement. Comments Add photo Leave a Reply Cancel reply Your email address will not be published. Required fields are marked * Name * Email * Website Comment You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <strike> <strong> Add photo Cancel reply Your email address will not be published. Required fields are marked * Title * Courtesy * Image You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <strike> <strong> Add video Cancel reply Your email address will not be published. Required fields are marked * Title * Youtube link * You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <strike> <strong> निकुञ्चनं निकोचनम् अक्षि निकोचम् भ्रू निक्षिप्त निगमनम् निग्रह निग्रहस्थानम् निघण्टु निचय पुरीषप्रवर्तनम् नितम्बः नितातं आर्तव नित्य नित्यगः नित्यग काल नित्यग्य नित्यत्व निदर्शनम् निद्रा निद्रा अभाव निद्रा नाश निद्रा भ्रंश निद्राक्षयः निद्राविपर्यय निद्राहानि निपतन निपीदनं निमज्जनम् निमित्त निमित्त कारण निमीलनम् अक्षि निमेष निमेष एकाक्षि निमेष कृच्छ्रात् अक्षि निमेषाक्षि निमेषोन्मेषणं अक्षि निम्नता नियतिः नियमः नियमन नियोगः निरपत्रता निरान्त्र निरालोका दृष्टिमण्डलं निरुच्छ्वास् निरुत्थ निरुद्धरक्तः निरुद्धवाक् निरोध निरोध हृदय निर्गन्ध निर्गन्धं मूत्रं निर्गन्धं रक्तं निर्गमन जिह्वा निर्घृणित्व निर्जलीकरण निर्णयः निर्देशः निर्धूम निर्बीजं निर्भय निर्भुग्न निर्भुग्न अक्षि निर्भुग्न दर्शनं निर्भुग्न हृदय निर्भेद अक्षि निर्मथनम् अक्षि अरणिवत् निर्मथन् निर्मथन् हृदय निर्मलानि तेजांसि दर्शनं निर्यातम् निर्यास निर्यूह निर्वचनम् निर्विकल्पक-प्रत्यक्ष निर्विकार निर्विकार निर्विष निर्वीर्य निर्वृत्ति निवृति निशाचर निश्चन्द्र निश्चेष्ट निश्चेष्ट निःश्वास निश्वास निश्वास दौर्गन्ध्यं निश्वास वैगन्ध्यं निश्वास संग्रह निश्वास संरोध निष्कुली निष्क्रमण जिह्वा निष्क्रिय निष्क्रियत इव अक्षि निष्ठनं निष्ठा पाक निष्ठीवन निष्ठीविका निष्पत्रम् निष्पिच्छं आर्तव निष्पीडन् निष्पीड्यत इव निष्प्रभ निष्प्रेक्ष्यं निष्फलता निष्फलम् निस्तन्द्री निस्तोद निस्पन्दन निस्वनं पुरीषप्रवर्तनं निस्संज्ञा निस्सार निस्सारणं गुद निस्सारणं जिह्वा निहन्ति नीरसकोमल् नील नीलादीनां तमसश्च् दर्शनं नीलाभं मूत्रं नीलारुणाभं पुरीक्षां नीलोष्ठ नृत्य इच्छा नृशंस इच्छा नेत्रः नेत्र उपदेह नेत्र दूषिका नेत्र मल नेत्र विरेचन नेत्रकोशः नेत्रच्छादनम् नेत्रनाडी नेत्रप्लव नेत्रान्तप्रदेशः नेत्राभ्यां रक्तं नैकमूल रोम नैक् वर्ण दृष्टिमण्डल नैर्लज्ज्य नैष्टिक हेतु नैष्टिकी चिकित्सा न्यास पक्ति पक्तिनाश पक्तिस्थानम् पक्व जम्बूफलाभं रक्तं पक्वजम्बू सङ्काशं पुरीषं पक्वजाम्बव नख पक्वपीलुफलप्रख्या पक्वम् पुरीषं पक्वलौह पक्वशोणिताभम् पुरीषं पक्वस्थानम् पक्वादुम्बरसन्निभः पक्वाधानम् पक्वानम् अनियत पुरीषं पक्वामम् अन्तरान्तरा पुरीषं पक्वाशय पक्वाशयः पक्वाशयः पक्षः पक्षसन्धि पक्ष्म पक्ष्ममण्डलम् पक्ष्मवर्त्मसन्धिः पक्ष्माग्राणि पक्ष्माशयः पङ्कगन्ध पंच महाभूत पंचकषाययोनयः पंचकषायशतानि पंचकोल पंचगव्य पंचतिक्त पंचत्वग्रहणं पंचपल्लव पंचवल्कल पंचसार पंचसिद्धौषधि पंचसूरण पंचसौगन्धिक पंचाग पंचामृत पंचामृत पंचावयव-वाक्य पंचेन्द्रियग्रहणत्व पच्यत इव पच्यमानाशयः पंच्वर्ण सुवर्ण पञ्चपञ्चक पञ्चीकरण पटलानि पतति इव ह्दयं पतन पताका दर्शनं पत्र पथ्य पदार्थः पद्म पत्र वर्ण पद्म वर्ण पद्मपत्राभं दृष्टिमण्डल पद्मसन्निभं Pages: 1 . 2 . 3 . 4 . 5 . 6 . 7 . 8 . 9 . 10 . 11 . 12 . 13 . 14 . 15 . 16 . 17 . 18 . 19 . 20 . 21 . 22 . 23 . 24 . 25 . 26 .